प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई। ब्लॉक और जिला विकास परिषदों के निर्वाचन और गठन के साथ त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली की स्थापना की पृष्ठभूमि में, इस पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया कि कैसे जम्मू और कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और बढ़ावा दिया जाए। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस संबंध में आगे की योजना के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के प्रति अपनी वचनबद्धता भी दिखाई।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चर्चा के सौहार्दपूर्ण माहौल और विचारों के मुखर आदान-प्रदान की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन तेज रफ्तार से करना होगा, ताकि चुनाव कराए जा सकें और जम्मू-कश्मीर को एक निर्वाचित सरकार मिले, जो जम्मू-कश्मीर के विकास पथ को मजबूती दे।

जम्मू-कश्मीर के नेताओं से प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जनता, खासकर युवा है, जिन्हें जम्मू-कश्मीर का राजनीतिक नेतृत्व करना है और यह सुनिश्चित करना है कि उनकी आकांक्षाएं सही से पूरी हों।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी संतोष जताया। उन्होंने सभी नेताओं से जम्मू-कश्मीर की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करने और युवाओं की आकांक्षाओं को साकार करने का आग्रह किया।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि पारदर्शिता के साथ विकास को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के साथ जम्मू और कश्मीर ने एक लंबा सफर तय किया है। जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की योजनाओं का अलग-अलग लाभार्थियों में लगभग 90% तक विस्तार हो चुका है। कई प्रमुख सड़क परियोजनाएं, दो नए एम्स, 7 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में 4.5 लाख नौकरियों के सृजन सहित औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए 28,400 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ नई औद्योगिक नीति को अधिसूचित किया गया है।

श्री अमित शाह ने जोर दिया कि राज्य के दर्जे को दोबारा बहाल करने में, जैसा कि संसद में वादा किया गया था, परिसीमन और शांतिपूर्ण चुनाव महत्वपूर्ण पड़ाव हैं।

बैठक में श्री फारूक अब्दुल्ला, श्री गुलाम नबी आजाद, सुश्री महबूबा मुफ्ती, श्री उमर अब्दुल्ला, श्री कविंदर गुप्ता, श्री मुजफ्फर हुसैन बेग, श्री निर्मल सिंह, श्री तारा चंद, श्री मोहम्मद अल्ताफ बुखारी, श्री सजाद गनी लोन, श्री रविंदर रैना, श्री गुलाम अहमद मीर, श्री मोहम्मद युसूफ तारिगामी और श्री भीम सिंह शामिल हुए।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर, श्री मनोज सिन्हा, एनएसए, श्री अजीत डोभाल, राज्य मंत्री (पीएमओ) श्री जितेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

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